Tuesday, 10 October 2017

सुप्रीम कोर्ट - अच्छी और भली

हमारे देश मे अन्धभक्तों की सुप्रीम कोर्ट के प्रति प्रतिक्रिया

पार्ट - १ ☆

सुप्रीम कोर्ट -: अब से हमारे देश भारत मे किसी भी थियेटर में किसी भी फिल्म के शुरू होने से पहले राष्ट्रगान होगा ।

अन्धभक्त :- मोदी मोदी मोदी मोदी ( और उठा के सारा क्रेडिट मोदी को दे दिया और साथ मे एक पंचलाइन और जोड़ दी - " भाई मोदी सरकार है अब सबको ये रूल फोलो करना पड़ेगा " ) इसके बाद हमेशा मोबाइल ऑन रहेगा और फिर थियेटर के अन्दर इधर उधर ताकते रहेंगे । ये देखेंगे कि कौन राष्ट्रगान के वक्त खड़ा है और कौन नहीं । अगर धोखे से भी कोई ऐसा व्यक्ति दिख गया जो राष्ट्रगान के समय बैठा है उसकी फोटो को सीधा फेसबुक पर अपलोड कर देंगे ।

पार्ट - २ ☆

सुप्रीम कोर्ट -: इस बार दीपावली में कोई भी पटाखे नहीं फोड़ेगा क्योंकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है ।

अन्धभक्त -: हम नहीं मानते ऐसे फैसलों को । हमे काले कोट वालों की बातों की परवाह नहीं है भाड़ मे जाए सुप्रीम कोर्ट ।
( यहां पर मोदी का कोई जिक्र ही नहीं ) ऐसा इसलिए क्योंकि अन्धभक्तों को पर्यावरण से कुछ लेना देना नहीं है । पढा लिखा व्यक्ति अन्धभक्त नहीं होता ।

( यहां सीधी सी बात समझ जाइये कि मोदी भक्त सिर्फ बेकार की चीजों पर ही ध्यान देते हैं इन्हें इंसानियत से कोई लेना देना नहीं सिर्फ मोदी नाम का खिलौना पकड़ा दो इनको वही खेलते रहेंगे ये । )

Tuesday, 1 August 2017

अंन्धभक्त

एक अजीब सी समस्या....
वो यह है कि क्या लोग ज़रा सी बुद्धि विवेक का इस्तेमाल नहीं कर सकते ... या फिर इस्तेमाल करना नहीं चाहते ।

हर दिन कोई न कोई ऐसी खबर सुनने मे आती है कि गौरक्षकों की भीड़ ने आज गायों से लदी जा रही ट्रक को रोककर चालक की बेरहमी से पिटाई की ।
और न जाने क्या क्या ????
मुझे लगता है कि शायद गौरक्षकों का एक ऐसा संगठन भी तैयार हो गया है जिनकी विचारधारा उग्रवादी है ।

मै देखता हूँ कि चौराहे पर खड़ी गाय या फिर कचरे मे खाना ढूंढती गाय पर किसी गौ-भक्त की नजर नहीं जाती क्या ?
सड़क पर इतनी सारी गायें खड़ी रहती हैं .... क्या किसी गौ-रक्षक को इतना नहीं दिखता कि उसे उसके सही स्थान पर खड़ा होना चाहिए ।
कितने गौ-रक्षक ऐसे हैं जिन्होंने अपने घर मे गाय पाल रखी है ?
भाई सीधी सिम्पल बात ये है कि ये लोग पिटाई करके अपना हाथ साफ करते हैं और अपना बाहू-बल दिखाने की कोशिश करते हैं ।

Wednesday, 5 July 2017

GST : Goods and Service Tax

भारत मे GST यानी Goods And Service Tax लागू हो चुका है और यह हुआ भी है बड़ी मसक्कत के साथ । हमेशा से ही इस मुद्दे पर बात करने की ठानी जाती थी और कोई न कोई व्यवधान बीच मे उपस्थित हो ही जाता था । अन्ततः इसकी शुरुआत हो चुकी है और इस फैसले से कुछ लोगों को खुशी भी है और कुछ लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं जो इसके पक्ष मे नहीं हैं ।

भारत सरकार के इस फैसले की सराहना करना चाहता हूं कि GST लागू होने के बाद उन लोगों को भी कानून के दायरे मे रहकर टैक्स जरूर देना पड़ेगा जो इसकी चोरी किया करते थे ।

पेमेंट करते वक्त इन बातों का जरूर ध्यान रखें -

कंपनी का नाम- बिल पर कंपनी का नाम होना चाहिए.

कंपनी का पता और फोन नंबर- बिल पर कंपनी का पता और कोई भी एक कॉन्‍टेक्‍ट नंबर होना जरूरी है.

जीएसटिन नंबर – इसका अर्थ है गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स इंफोर्मेशन नंबर. यह बिल में होना अनिवार्य है.

पैन नंबर – पैन कार्ड का नंबर होना चाहिए. पैन नंबर होने का अर्थ है कि कंपनी की आयकर विभाग में डिटेल्‍स दर्ज हैं. (हालांकि जीएसटिन नंबर है तो पैन नंबर की खास जरूरत नहीं है)

CIN नंबर- यह कॉरपोरेट आईडेंटिफिकेशन नंबर के रूप में बिल पर दर्ज होता है.

टिन नंबर- यह किसी भी कंपनी का टैक्‍स इंर्फोमेशन नंबर होता है. जिसका अर्थ है कि कंपनी टैक्‍स भर रही है. हालांकि अगर जीएसटिन नंबर है तो टिन नंबर की कोई जरूरत नहीं है.

एचएसएन कोड- यह कोड भी बिल पर दर्ज होना चाहिए.

स्‍टेट कोड- 29 राज्‍यों के अलग-अलग कोड हैं. ऐसे में सेवा प्रदाता को अपने बिल में स्‍टेट कोड दर्ज होना चाहिए.

भुगतान करें तो याद रखें, वस्‍तु या सेवा के भुगतान में हों सिर्फ ये दो टैक्स

अगर आप कहीं भी बिल भर रहे हैं तो याद रखें कि वस्‍तु और सेवा पर सिर्फ GST ही देना होगा. यह GST भी बिल पर दो हिस्‍सों में दर्ज होना चाहिए. किसी भी वस्‍तु या सेवा पर लगने वाले कर को बिल में इन्‍हीं दो भागों में बांटा जाएगा. जैसे जीएसटी की दरें 5, 12, 18 और 28 फीसदी हैं. ऐसे में इन दोनों में 2.5-2.5, फीसदी, 6-6 फीसदी, 9-9 फीसदी या 14-14 फीसदी ही दर्ज होगा.

सीजीएसटी (CGST)- यह जीएसटी का वह भाग है जो केंद्र सरकार को जाता है.

एसजीएससी (SGST)– यह जीएसटी का वह आधा हिस्‍सा है जो राज्‍य सरकार के खाते में जाता है.