Saturday, 19 October 2019

Earn Free Paytm Cash

अगर आप भी चाहते हैं कि आप घर बैठे बिना किसी इनवेस्टमेंट के पैसे कमाएं तो नीचे दिए गये लिंक पर क्लिक करें और साइन अप करें ।

https://www.pay-box.in/home/register?source=563eagkywa

आप इसपर प्रतिदिन लगभग 50 से 60 रुपये कमा सकते हैं । 

Tuesday, 10 October 2017

सुप्रीम कोर्ट - अच्छी और भली

हमारे देश मे अन्धभक्तों की सुप्रीम कोर्ट के प्रति प्रतिक्रिया

पार्ट - १ ☆

सुप्रीम कोर्ट -: अब से हमारे देश भारत मे किसी भी थियेटर में किसी भी फिल्म के शुरू होने से पहले राष्ट्रगान होगा ।

अन्धभक्त :- मोदी मोदी मोदी मोदी ( और उठा के सारा क्रेडिट मोदी को दे दिया और साथ मे एक पंचलाइन और जोड़ दी - " भाई मोदी सरकार है अब सबको ये रूल फोलो करना पड़ेगा " ) इसके बाद हमेशा मोबाइल ऑन रहेगा और फिर थियेटर के अन्दर इधर उधर ताकते रहेंगे । ये देखेंगे कि कौन राष्ट्रगान के वक्त खड़ा है और कौन नहीं । अगर धोखे से भी कोई ऐसा व्यक्ति दिख गया जो राष्ट्रगान के समय बैठा है उसकी फोटो को सीधा फेसबुक पर अपलोड कर देंगे ।

पार्ट - २ ☆

सुप्रीम कोर्ट -: इस बार दीपावली में कोई भी पटाखे नहीं फोड़ेगा क्योंकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है ।

अन्धभक्त -: हम नहीं मानते ऐसे फैसलों को । हमे काले कोट वालों की बातों की परवाह नहीं है भाड़ मे जाए सुप्रीम कोर्ट ।
( यहां पर मोदी का कोई जिक्र ही नहीं ) ऐसा इसलिए क्योंकि अन्धभक्तों को पर्यावरण से कुछ लेना देना नहीं है । पढा लिखा व्यक्ति अन्धभक्त नहीं होता ।

( यहां सीधी सी बात समझ जाइये कि मोदी भक्त सिर्फ बेकार की चीजों पर ही ध्यान देते हैं इन्हें इंसानियत से कोई लेना देना नहीं सिर्फ मोदी नाम का खिलौना पकड़ा दो इनको वही खेलते रहेंगे ये । )

Tuesday, 1 August 2017

अंन्धभक्त

एक अजीब सी समस्या....
वो यह है कि क्या लोग ज़रा सी बुद्धि विवेक का इस्तेमाल नहीं कर सकते ... या फिर इस्तेमाल करना नहीं चाहते ।

हर दिन कोई न कोई ऐसी खबर सुनने मे आती है कि गौरक्षकों की भीड़ ने आज गायों से लदी जा रही ट्रक को रोककर चालक की बेरहमी से पिटाई की ।
और न जाने क्या क्या ????
मुझे लगता है कि शायद गौरक्षकों का एक ऐसा संगठन भी तैयार हो गया है जिनकी विचारधारा उग्रवादी है ।

मै देखता हूँ कि चौराहे पर खड़ी गाय या फिर कचरे मे खाना ढूंढती गाय पर किसी गौ-भक्त की नजर नहीं जाती क्या ?
सड़क पर इतनी सारी गायें खड़ी रहती हैं .... क्या किसी गौ-रक्षक को इतना नहीं दिखता कि उसे उसके सही स्थान पर खड़ा होना चाहिए ।
कितने गौ-रक्षक ऐसे हैं जिन्होंने अपने घर मे गाय पाल रखी है ?
भाई सीधी सिम्पल बात ये है कि ये लोग पिटाई करके अपना हाथ साफ करते हैं और अपना बाहू-बल दिखाने की कोशिश करते हैं ।

Wednesday, 5 July 2017

GST : Goods and Service Tax

भारत मे GST यानी Goods And Service Tax लागू हो चुका है और यह हुआ भी है बड़ी मसक्कत के साथ । हमेशा से ही इस मुद्दे पर बात करने की ठानी जाती थी और कोई न कोई व्यवधान बीच मे उपस्थित हो ही जाता था । अन्ततः इसकी शुरुआत हो चुकी है और इस फैसले से कुछ लोगों को खुशी भी है और कुछ लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं जो इसके पक्ष मे नहीं हैं ।

भारत सरकार के इस फैसले की सराहना करना चाहता हूं कि GST लागू होने के बाद उन लोगों को भी कानून के दायरे मे रहकर टैक्स जरूर देना पड़ेगा जो इसकी चोरी किया करते थे ।

पेमेंट करते वक्त इन बातों का जरूर ध्यान रखें -

कंपनी का नाम- बिल पर कंपनी का नाम होना चाहिए.

कंपनी का पता और फोन नंबर- बिल पर कंपनी का पता और कोई भी एक कॉन्‍टेक्‍ट नंबर होना जरूरी है.

जीएसटिन नंबर – इसका अर्थ है गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स इंफोर्मेशन नंबर. यह बिल में होना अनिवार्य है.

पैन नंबर – पैन कार्ड का नंबर होना चाहिए. पैन नंबर होने का अर्थ है कि कंपनी की आयकर विभाग में डिटेल्‍स दर्ज हैं. (हालांकि जीएसटिन नंबर है तो पैन नंबर की खास जरूरत नहीं है)

CIN नंबर- यह कॉरपोरेट आईडेंटिफिकेशन नंबर के रूप में बिल पर दर्ज होता है.

टिन नंबर- यह किसी भी कंपनी का टैक्‍स इंर्फोमेशन नंबर होता है. जिसका अर्थ है कि कंपनी टैक्‍स भर रही है. हालांकि अगर जीएसटिन नंबर है तो टिन नंबर की कोई जरूरत नहीं है.

एचएसएन कोड- यह कोड भी बिल पर दर्ज होना चाहिए.

स्‍टेट कोड- 29 राज्‍यों के अलग-अलग कोड हैं. ऐसे में सेवा प्रदाता को अपने बिल में स्‍टेट कोड दर्ज होना चाहिए.

भुगतान करें तो याद रखें, वस्‍तु या सेवा के भुगतान में हों सिर्फ ये दो टैक्स

अगर आप कहीं भी बिल भर रहे हैं तो याद रखें कि वस्‍तु और सेवा पर सिर्फ GST ही देना होगा. यह GST भी बिल पर दो हिस्‍सों में दर्ज होना चाहिए. किसी भी वस्‍तु या सेवा पर लगने वाले कर को बिल में इन्‍हीं दो भागों में बांटा जाएगा. जैसे जीएसटी की दरें 5, 12, 18 और 28 फीसदी हैं. ऐसे में इन दोनों में 2.5-2.5, फीसदी, 6-6 फीसदी, 9-9 फीसदी या 14-14 फीसदी ही दर्ज होगा.

सीजीएसटी (CGST)- यह जीएसटी का वह भाग है जो केंद्र सरकार को जाता है.

एसजीएससी (SGST)– यह जीएसटी का वह आधा हिस्‍सा है जो राज्‍य सरकार के खाते में जाता है.

Sunday, 18 December 2016

विमुद्रीकरण - साहसिक फैसला या छल

                             काले धन पर रोक लगाने के लिए भारत सरकार ने विमुद्रीकरण ( Demonetization ) का रास्ता अपनाया जिसके तहत भारत में 1000₹ और 500₹ की नोट पर पूर्णतया पाबंदी लगा दी गयी । इस तरह से अचानक लिए गये इस साहसिक फैसले पर मै मोदी सरकार का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ लेकिन बात तो उस जगह पर बिगड़ जाती है जब 17 दिसम्बर 2016 को इस बात का ऐलान किया गया कि जितने भी राजनीतिक पार्टी से सम्बन्धित लोग हैं उनसे किसी भी प्रकार की कोई पूछताछ नहीं की जाएगी ।
                            मेरा मानना है कि कालाधन रखने वाला कोई आम आदमी तो है नहीं जो घण्टों कतारों मे खड़ा रहकर 2000 रू निकालकर ला रहा है और ऊपर से जो राजनीतिज्ञ हैं उनसे कोई पूछताछ नहीं होगी । ये किस तरह से काले धन पर रोक लगाने का काम कर रही है मोदी सरकार ? मेरी समझ मे तो बिल्कुल नहीं आ रहा है ।

" लोग यहाँ मर रहे हैं कतारों में
मोदी खोए हैं किन विचारों में "

~ फिलहाल फैसला तो साहसिक था लेकिन पता नहीं था कि रंग बदलने में इतनी जल्दी हो जाएगी ~
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
-
www.facebook.com/anujkumar472

www.twitter.com/anujkumar472

Whatsapp - 9198370584

ऑनलाइन या कैशलेस पेमेंट कैसे संभव

कैसे होगा भारत मे कैश लेस लेन-देन ?

• भारत एक विकासशील देश है ।
• भारत में शिक्षित समाज का स्तर 61% है ।
• इंटरनेट जैसी सुविधाएं तो राम भरोसे चलने वाली हैं ।
• बीस करोड़ की जनसंख्या हर रात भूखी सोती है ।
• जिनके पास रहने के लिए छत नहीं है उनका क्या ।
• शिक्षा व्यवस्था पर कोई ध्यान तक नहीं देता ।

अब बात करते हैं भारत की दशा पर ~

भारत के मजदूरों की हालत को देखकर क्या लगता है कि ये बिना कैश के काम कर पाएंगे ? जो दिहाड़ी पाकर शाम को खर्च कर देते हैं और सुबह उठकर फिर से काम पर निकलते हैं ताकि शाम का खाना वो फिर खा सकें । क्या बिना कैश लिए ये संभव होगा ।

अभी कुछ दिन पहले क्वाॅलकाॅम की रिपोर्ट मे कहा गया है कि भारत मे इस्तेमाल की जाने वाली सभी ऑनलाइन पेमेंट की साइट्स अनसेफ हैं तो कौन चाहेगा कि वो अपने अकाउंट का इस्तेमाल ऑनलाइन पेमेंट के लिए करेगा ।
____________________________________________
~
www.facebook.com/anujkumar472

www.twitter.com/anujkumar472

Whatsapp - 9198370584

Tuesday, 11 October 2016

वर्तमान भारत की भविष्य यात्रा

आज मै आप सब को इस बात से अवगत कराना चाहूँगा कि वर्तमान समय में जो हमारे देश मे घटित हो रहा है उसके भविष्य में क्या दुष्परिणाम हो सकते हैं ।

१- सितंबर माह सन् 2016 में भारत के उरी में हुए आतंकवादी हमले में हमारे देश के कुल 19 जवान शहीद हो गये । इस आतंकी घटना से सम्पूर्ण भारत देश आहत था और शहीदों के परिवार लगातार पाकिस्तान से बदला लेने की गुहार लगा रहे थे ।

२- लगभग एक सप्ताह के बाद भारतीय सेना ने " पाक अधिकृत कश्मीर " मे एक सर्जिकल स्ट्राइक की जिससे पाकिस्तान की बेचैनी बढने लगी और भारतीयों के मन में ये उम्मीद भी जाग्रत हुयी कि हम भी बदला ले सकने में सक्षम हैं ।

३- सर्जिकल स्ट्राइक के बाद कई नेताओं और अभिनेताओं ने अपने बयान भी दिए, कोई सकारात्मक बयान दे रहा था तो कोई नकारात्मक...
लेकिन जो नकारात्मक बयानबाजी कर रहा था उसके अनुसार भारतीय सेना की तरफ से कोई सर्जिकल स्ट्राइक हुयी ही नहीं थी ।

४- कुछ लोग लगातार कह रहे थे कि देश में अगर सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कोई चीज हुयी है तो वो उसका प्रूफ हमें दिखाइए।
इस विषय पर मेरा मानना ये है कि " ऐसी नकारात्मक सोच रखने वाले लोगों को अधिकार विहीन करके इन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाना चाहिए ।

५- यदि वो लोग भारतीय सेना का मनोबल बढाने की औकात नहीं रखते हैं तो उन्हें भारतीय सेना के बारे में कुछ भी बोलने का हक नहीं बनता फिर चाहे वो देश के कितने ही बड़े नेता या राजनेता क्यों न हों ।

६- कुछ लोगों के बयान भी मै आपको दिखाना चाहता हूँ जिन्होंने भारत में काम कर रहे पाकिस्तानी कलाकारों के विषय मे अपने बयान दिए । आप समझ जाएंगे कि कौन देश के साथ है और कौन देशविरोधी सोच रखता है --
* वो एक कलाकार हैं आतंकवादी नहीं ~ सलमान खान

* पाकिस्तानी कलाकार बाद में पहले मेरा देश ~ नाना पाटेकर

* मैने फोर्स नहीं किया था कि सेना में जाए ~ ओम पुरी

हम आपको बता दें कि ओम पुरी ने जो बयान दिया उससे मै ही नही बल्कि पूरा देश भी आहत हुआ होगा ।

७- यदि सेना के जवान इन नकारात्मक बयानों के चलते कहीं सेना से चले गये या बार्डर छोड़कर चले जाएं और ये कहें कि " हमारी किसी को चिंता ही नहीं है तो हम क्यों अपनी जान जोखिम में डालकर सीमा की सुरक्षा करे " और यदि ऐसा हुआ तब कौन ऐसा नेता होगा जो कहेगा सेना का महत्व नहीं ।

८- कश्मीर में पत्थरबाज और देशविरोधी नारे लगाने वालों की कमी नहीं है । जे एन यू में भी देशविरोधी नारे लगाए जा चुके हैं । यदि देश के लोग की देशविरोधी बातें करके सेना का मनोबल गिराएंगे तो देशहित की सोचने वाला कोई जवान बाॅर्डर पर नहीं अपने घर में होगा और देश मे रहने वाले लोग जो सुबह उठकर दहो जलेबी का नाश्ता करते हैं उन्हें सिर्फ गोलियाँ ही मिलेंगी ।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
वर्तमान भारत की भविष्य यात्रा का अगला भाग जल्दी ही आपके सामने प्रस्तुत करूँगा ।
जय हिन्द...
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
www.facebook.com/anujkumar472
www.twitter.com/anujkumar472
Whatsapp - 8546065853